बच्चों को जहर पिलाकर खुद मर गई मां

बच्चों को जहर पिलाकर खुद मर गई मां

शामली: गर्मियों की छुट्टी में मायके जाने की जिद ने तीन जिंदगियां स्वाहा कर दी। परिजनों से मामूली कहासुनी के बाद महिला ने अपने पुत्र-पुत्री समेत कोल्डड्रिंक में सल्फास मिलाकर पी ली, जिससे मां-बेटे की मेरठ ले जाते समय मौत हो गई, जबकि पुत्री ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी तीनों की जहर के सेवन से मौत की पुष्टि हुई है। महिला के परिजनों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, जिसके चलते गमगीन माहौल में महिला व दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

बाबरी थानाक्षेत्र के गांव गोगवान जलालपुर निवासी सुरेश के तीन पुत्र कविन्द्र, रविन्द्र व जौनी है, जिनमें से कविन्द्र व रविन्द्र की शादी हो चुकी है। बताया जाता है कि सुरेश का परिवार अभी भी संयुक्त है। वर्तमान में बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां होने के कारण कविन्द्र की पत्नी अपने मायके गई हुई थी, जिसे गत बुधवार को वापस आना था। जेठानी के वापस आने पर रविन्द्र की पत्नी रचना को मायके जाना था, लेकिन जेठानी गत बुधवार को वापस नहीं आई और अपने भाई को भेजकर अपने बच्चों को भी मायके बुलवा लिया, जिससे रविन्द्र की पत्नी रचना को लगा कि अब वह मायके नहीं जा पाएगी। इस बात को लेकर रचना की अपने पति व अन्य ससुरालियों से कहासुनी हो गई। इस मामूली कहासुनी को लेकर ही रचना ने दुकान से कोल्डड्रिक मंगाई और उसमें सल्फास मिलाकर अपने 6 वर्षीय पुत्र विक्रांत, 8 वर्षीय पुत्री मानसी समेत खुद भी पी ली। परिजनों ने आनन-फानन में तीनों को शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर हालत के चलते तीनों को मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। रचना व विक्रांत ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि पुत्री मानसी की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला व दो बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर महिला के परिजन भी मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने किसी भी कार्रवाई से इंकार कर दिया। बाबरी थानाध्यक्ष नेमचंद ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी तीनों की मौत का कारण जहर आया है। महिला के परिजनों ने कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं किया और न ही कोई तहरीर दी है। मामला आत्महत्या का है। अगर कोई तहरीर आती तो पुलिस कार्रवाई करती। 

 

जान का दुश्मन बना जाम, टूट रही सांसें

इस घटना में मानवता को शर्मसार करने वाला वाक्या भी देखने को मिला। जहर खाने पर महिला व दो बच्चों को लेकर शामली पहुंचे परिजनों को संवेदनाहीन जाम से जूझना पड़ा। पूरे शहर में गन्ने से लदे वाहनों की वजह से जाम लगा हुआ था, जिसकी वजह से अस्पताल का रास्ता भी ब्लाक हो गया था। तीनों को अस्पताल ले जाने के लिए परिजन गन्ना किसानों के सामने भी गिडगिड़ाए, लेकिन किसी ने भी अस्पताल जाने के लिए रास्ता नहीं दिया। शायद इसी का खामियाजा महिला व दोनों बच्चों को जान देकर चुकाना पड़ा। अगर समय से तीनों को उपचार मिल जाता, तो शायद उनकी जान बच जाती। ज्ञात रहे कि गत मंगलवार को भी इसी तरह का वाक्या हुआ था। उसमें भी आग में झुलसी किशोरी को समय से अस्पताल नहीं ले जाया जा सका था, जिसके चलते उसकी मौत हो गई थी।